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माह सितम्बर-२००९

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मुख्य समाचार

हिन्दी में शपथ लेने का प्रकरण

नेपाल के उपराष्ट्रपति को मिली हत्या की धमकी

काठमांडु 29 अगस्त,09। नेपाल के प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल ने हिंदी में शपथ ग्रहण करने की वजह से विवादों में घिरे उपराष्ट्रपति परमानंद झा के निवास के समीप हुए बम विस्फोट और उन्हें मिल रही हत्या की धमकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। विस्फोट से हुए नुकसान का जायजा लेने उनके गौरीघाट आवास पर शनिवार सुबह पहुंचे प्रधानमंत्री ने पत्रकारों से कहा कि हमले में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने हथियारबंद संगठन कीरत जनबादी वर्कर्स पार्टी (केजीडब्ल्यूपी) के सदस्यों की तलाश शुरू कर दी है। इस संगठन ने विस्फोट की जिम्मेदारी ली है और चेतावनी दी है कि यदि झा ने नेपाली में शपथ नहीं ली तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। नेपाल की तराई में पनपे 100 से अधिक भूमिगत संगठनों में यह भी एक है। झा ने सुप्रीम कोर्ट के रविवार तक नेपाली में शपथ लेने या पद से बर्खास्त होने संबंधी आदेश के विरोध में शुक्रवार को दो याचिकाएं दायर की थीं। इसके कुछ घंटों के भीतर ही उनके आवास के समीप बस विस्फोट हुआ। इस घटना में एक महिला घायल हुई और एक दुकान को क्षति पहुंची।

ज्ञातव्य हो कि नेपाल के उपराष्ट्रपति परमानंद झा की हिंदी भाषा में ली गई उपराष्ट्रपति पद की शपथ को सुप्रीम कोर्ट ने अवैध करार दिया है। नेपाल के शीर्ष कोर्ट ने कहा कि उपराष्ट्रपति को दोबारा नेपाली भाषा में शपथ लेनी होगी। परमानंद झा जुलाई 2008 में देश के पहले उपराष्ट्रपति बने थे। उन्होंने धोती-कुर्ता पहनकर हिंदी में पद की शपथ ली थी।

तब हिंदी में शपथ लेने को अवैध करार देने व दोबारा नेपाली भाषा में शपथ लेने के मसले पर परमानंद झा ने कहा कि वे नेपाली भाषा नहीं जानते। उन्होंने कहा कि नेपाल का संविधान कहां कहता है कि राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति बनने के लिए आपको नेपाली भाषा आनी ही चाहिए। झा ने कहा, ‘मुझे नेपाली नहीं आती। दोबारा शपथ लेने के लिए बाध्य किया गया तो मैं अंग्रेजी में शपथ लूंगा।’

हिंदी बने दूसरी राष्ट्रीय भाषा

मधेसी पीपुल्स राइट्स पार्टी महासचिव की मांग

काठमांडु। एक नेपाली सांसद और मधेसी पार्टी के नेता ने गुरुवार को मांग की कि नेपाल के संविधान में हिंदी को दूसरी राष्ट्रीय भाषा का दर्जा दिया जाना चाहिए।

मधेसी पीपुल्स राइट्स पार्टी (डेमोक्रेटिक) के महासचिव रामेश्वर राय यादव ने कहा कि हिंदी ने नेपाल के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ‘नेपाल में हिंदी के वर्तमान और भविष्य’ विषय पर यहां एक कार्यक्रम में राय ने बताया कि उन्हें 1991 में हिंदी में बोलने पर संसद से नौ बार बाहर निकाला गया था। यह मुद्दा भारतीय संसद में भी उठा था। उपराष्ट्रपति परमानंद झा के हिंदी में शपथ लेने को लेकर पैदा हुए विवाद पर उन्होंने कहा, जब उस भाषा के इस्तेमाल की संसद में इजाजत दी गई, तो वह (झा) हिंदी में पद और गोपनीयता की शपथ क्यों नहीं ले सकते। यहां उच्चतम न्यायालय में नेपाली भाषा में शपथ लेने का आदेश जारी किया था। (समाचार पत्रों से)

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