विश्व जाल पत्रिका अनुरोध भारतीय भाषाओं के प्रतिष्ठापन के लिए समर्पित समस्त संस्थाओं को एकमंच पर लाने हेतु प्रयासरत है। इस विश्व-जाल पत्रिका का प्रकाशन एवं संपादन अवैतनिक अव्यावसायिक एवं मानसेवी होकर समस्त हिन्दी प्रेमियों को समर्पित है।

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माह सितम्बर-२००९

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मुख्य समाचार

बीबीए और एमबीए अब हिंदी में भी

भोपाल(राखी झंवर)। भोपाल(राखी झंवर)(20मई,09 दै.भास्कर)। म.प्र. राष्ट्रभाषा प्रचार समिति हिंदी को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है। समिति का मानना है कि राष्ट्रभाषा हिंदी धीरे-धीरे अपनी पहचान खोती जा रही है। लगभग सभी प्रोफेशनल कोर्सेस अंग्रेजी भाषा में हैं ऐसे में समिति ने हिंदी भाषा में बीबीए और एमबीए कोर्स संचालित करने का निर्णय लेकर हिंदी के व्यावसायिक प्रयोग को बढ़ावा देने का प्रयास किया है। नया कोर्स शुरू करने के लिए समिति ने महात्मा गांधी हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से अनुबंध किया है।

हिंदी में हो रहा कोर्स डिजाइन: समिति ने महात्मा गांधी हिंदी वि.वि. वर्धा से दोनों ही कोर्स शुरू करने के लिए अनुबंध किया है। विवि द्वारा इस कोर्स के लिए हिंदी में पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है। कोर्स प्रारंभ होने से उन छात्रों को लाभ होगा जो भाषा की बाध्यता के चलते इन प्रोफेशनल कोर्सेस से दूर रहते थे, साथ ही राष्ट्रभाषा का प्रचार-प्रसार भी होगा।

तैयार होगा अध्ययन केंन्द्र: भोपाल से संचालित होने वाले इन कोर्सेस के लिए हिंदी भवन में एक अध्ययन केंद्र तैयार किया जाएगा। इस केंद्र में कोर्स से संबंधित सारी पुस्तकें और अध्ययन सामग्री उपलब्ध रहेंगी। केंद्र में पढ़ाने के लिए विषय विशेषज्ञों की नियुक्ति की जायेगी, साथ ही छात्रों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। विवि द्वारा पाठ्यक्रम से संबंधित पुस्तकें भी तैयार की जा रही हैं। कोर्स के लिए भोपाल सहित आसपास के क्षेत्र के विद्यार्थी केंद्र में दाखिला ले सकेंगे।

टेली कॊन्फ्रेसिंग होगी:छात्रों के लिऐ शुरू होने वाले इन कोर्सेस के लिऐ टेली कॊन्फ्रेंसिंग की व्यवस्था भी रहेगी। छात्र अध्ययन केंद्र में बैठकर टेली कॊन्फ्रेसिंग के जरिए विवि में पढ़ाए जा रहे विषय के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। केंद्र में कंप्यूटर भी रहेंगे, जिनमें सभी काम हिंदी में किया जाएगा।

‘‘हिंदी भाषा को स्थापित करने का लक्ष्य है। प्रदेश के कई ऐसे इलाके हैं जहां लोग अंग्रेजी नहीं जानते। कोर्स करके जो छात्र यहां से निकलेंगे उन्हें इन क्षेत्रों में नौकरी आसानी से मिल जाएगी। कोर्स शुरू करने का उद्देश्य हिंदी को बढ़ावा देने के साथ ही युचाओं को रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराना भी है।’’-कैलाशचंद्र पंत, मंत्री संचालक, म.प्र.राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, भोपाल---

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हिन्दी के औजार

इंटरनेट पर हिन्दी के संसाधन और औजार-टूल्स<>अनुनाद व नारायण प्रसाद रचित फ़ॉन्ट परिवर्तन डाउनलोड

फ़ॉन्ट रूपांतर डाउनलोड<>हिन्दी में कम्प्यूटर पर कैसे लिखें<>हिन्दी भाषा सॉफ़्टवेयर डाउनलोड कड़ी

हमारा उद्देश्य

हमारा उद्देश्य राष्ट्रभाषा हिन्दी एवं भारतीय भाषाओं की रक्षा एवं देवनागनरी लिपि एवं अन्य भारतीय लिपियों की रक्षा करना है। जरा विचार करें जब भारतीय भाषाएं एवं लिपियां ही नहीं रहेंगी तो इन भाषाओं में लिखे गये साहित्य को कौन पढ़ेगा ? भाषाओं का सम्बन्ध सीधे संस्कृति से जुड़ा होने के कारण जब भाषाएं ही नहीं रहेंगी तो संस्कृति भी धीरे-धीरे विलुप्त हाती जाएगी। अत: भाषा एवं संस्कृति के संरक्षण में आप अपना योगदान किस प्रकार कर सकते हैं, कृपया ई-मेल द्वारा सूचित करें ताकि इनका प्रकाशन इस जाल-स्थल पर किया जा सके।
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