विश्व जाल पत्रिका अनुरोध भारतीय भाषाओं के प्रतिष्ठापन के लिए समर्पित समस्त संस्थाओं को एकमंच पर लाने हेतु प्रयासरत है। इस विश्व-जाल पत्रिका का प्रकाशन एवं संपादन अवैतनिक अव्यावसायिक एवं मानसेवी होकर समस्त हिन्दी प्रेमियों को समर्पित है।

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माह अक्तूबर-२००९

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मुख्य समाचार

भारत से 16000 किमी दूर मनाया गया हिन्दी पखवाड़ा

सूरीनाम में हिंदी पखवाड़ा

सूरीनाम स्थित भारत के राजदूतावास में 1-09-09 से 14-09-09 तक बड़े हर्षोल्लास के साथ हिंदी पखवाड़ा मनाया गया। इस दौरान सूरीनाम के चार जिलों निकेरी, कौमवेना, सरमक्का व पारामारीबो में हिंदी सुलेख और भाषण प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। 1-09-09 को राजदूतावास व भारतीय सांस्कृतिक केंद्र में एक परिपत्र जारी किया गया जिसमें सभी भारतीय अधिकारियों व कर्मचारियों को हिंदी में काम करने का अनुदेश दिया गया।

वीज़ा, पासपोर्ट लेने आने वाले व्यक्तियों के लिए भी नोटिस बोर्ड पर सूचना लगाई गई- यदि आप हिंदी में बात करेंगे तो हमें प्रसन्नता होगी। इसका काफी सकारात्मक प्रभाव पड़ा और अधिकांश आगंतुको ने हिंदी में बात की।

14 सितंबर 2009 को सायंकाल 7.30 बजे भारतीय सांस्कृतिक केंद्र के सभागार में समापन समारोह में एक साहित्यिक गोष्ठी का आयोजन किया गया और प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए गए। गोष्ठी में चर्चा के विषय थे- साहित्य मानव जीवन का दर्पण,सूरीनाम में रचित साहित्य,हिंदी और सरनामी- परिचय व संबंध,हिंदी और सरनामी- वर्तमान स्थिति (स्थानीय संदर्भ), साहित्यकारों के समक्ष कठिनाइयाँ- स्थानीय संदर्भ। इन विषयों पर सूरीनाम के जाने-माने विद्वान नारायणदत्त गंगाराम पांडेय, पं. हरिदेव सहतू, हिंदी छात्रा कृष्णा भिखारी और दो युवा हिंदी कर्मियों धीरज कंधई व निशा झाखरी ने अपने विचार व्यक्त किए।

भारत के राजदूतावास की अताशे (हिंदी व संस्कृति) भावना सक्सैना ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि भारत से 16,000 कि.मी दूर हिंदी का यह उत्सव हिंदी कर्मियों को नमन करने और हिंदी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शाने के लिए है। उन्होंने सूरीनामवासियों से आग्रह किया कि वे हिंदी भाषा के साथ-साथ देवनागरी लिपि को भी अपनाएँ क्योंकि लिपि में भाषा के प्राण हैं।

सूरीनाम में भारत के राजदूत, कँवलजीत सिंह सोढी ने भारत की सर्वशिक्षा प्रणाली का उल्लेख करते हुए हर हिंदी जानने वाले से एक और व्यक्ति को हिंदी सिखाने का आग्रह किया। इस कार्यक्रम में लगभग 200 हिंदी कार्यकर्ताओं व हिंदी प्रेमियों ने उपस्थित होकर आयोजन को सफल बनाया।(हिन्दयुग्म से साभार)

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मास्को में धूमधाम से मनाया गया हिन्दी दिवस

मास्को (24 सितंबर,09 प्रभासाक्षी)। हिन्दी दिवस के अवसर पर भारतीय दूतावास के जवाहर लाल नेहरु सांस्कृतिक केन्द्र द्वारा आयोजित समारोह में रूस के एक स्थानीय स्कूल और तीन विश्वविद्यालयों के सैंकड़ों हिन्दी छात्र-छात्राओं और हिन्दी शिक्षकों ने हिस्सा लिया। हिन्दी दूत प्रभात शुक्ला ने अपने संबोधन में कहा कि मुझे आपको प्रोत्साहित करने के लिए बुलाया गया है लेकिन इसके विपरीत आप हमें प्रोत्साहित कर रहे हैं। सोवियत दौर में हिन्दी पढ़ने का सरकारी आदेश था लेकिन आज आपके चेहरे को देख कर लगता है कि आप अपनी इच्छा से हिन्दी और भारतीय संस्कृति पढ़ रहे हैं।

जूनियर स्कूल की एक छात्रा मारिया कोजलोवा ने बुधवार रात ‘सबसे न्यारी सबसे प्यारी हमारी हिन्दी’ के कविता पाठ से दर्शकों को मुग्ध कर दिया। रूस में हिन्दी और अन्य भारतीय भाषाओं को सीखने का मुख्य केन्द्र मास्को स्टेट यूनिवर्सिटी और अंतरराष्ट्रीय संबंध संस्थान के छात्रों ने कविता पाठ किया और हिन्दी गीत गाए।

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हिन्दी के औजार

इंटरनेट पर हिन्दी के संसाधन और औजार-टूल्स<>अनुनाद व नारायण प्रसाद रचित फ़ॉन्ट परिवर्तन डाउनलोड

फ़ॉन्ट रूपांतर डाउनलोड<>हिन्दी में कम्प्यूटर पर कैसे लिखें<>हिन्दी भाषा सॉफ़्टवेयर डाउनलोड कड़ी

हमारा उद्देश्य

हमारा उद्देश्य राष्ट्रभाषा हिन्दी एवं भारतीय भाषाओं की रक्षा एवं देवनागनरी लिपि एवं अन्य भारतीय लिपियों की रक्षा करना है। जरा विचार करें जब भारतीय भाषाएं एवं लिपियां ही नहीं रहेंगी तो इन भाषाओं में लिखे गये साहित्य को कौन पढ़ेगा ? भाषाओं का सम्बन्ध सीधे संस्कृति से जुड़ा होने के कारण जब भाषाएं ही नहीं रहेंगी तो संस्कृति भी धीरे-धीरे विलुप्त हाती जाएगी। अत: भाषा एवं संस्कृति के संरक्षण में आप अपना योगदान किस प्रकार कर सकते हैं, कृपया ई-मेल द्वारा सूचित करें ताकि इनका प्रकाशन इस जाल-स्थल पर किया जा सके।
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