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माह अक्तूबर-२००९

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हिन्दी को प्रौद्योगिकी की दृष्टि से संपन्न करें: प्रतिभा

नई दिल्ली (14 सितंबर,09 प्रभासाक्षी)। राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने आज कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के इस युग में राजभाषा हिन्दी को प्रौद्योगिकी की दृष्टि से संपन्न करना नितांत आवश्यक है और हिन्दी की प्रसार वृद्धि के लिए हमें इसकी सरलता को बनाए रखने के साथ-साथ इसकी शब्द संपदा में और वृद्धि करना होगी। राष्ट्रपति ने यहां हिन्दी दिवस पर आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए कहा- वर्तमान समय में सूचना प्रौद्योगिकी तथा अनुवाद क्षेत्र में नित नए-नए साफ्टवेयर विकसित किए जा रहे हैं। हिन्दी के प्रयोग में सहायक साफ्टवेयरों का निर्माण नवीनतम तकनीक को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए तभी हिन्दी और सूचना प्रौद्योगिकी के बीच सामंजस्य स्थापित हो सकेगा।

उन्होंने हिन्दी के प्रसार का जिक्र करते हुए कहा- यह कार्य हम संस्कृत और अन्य भारतीय भाषाओं के शब्दों को अपना कर सहजता से कर सकते हैं। इसी तरह अन्य भारतीय भाषाओं में भी हिन्दी के शब्दों को अपनाया जा सकता है। इससे जहां हमारी सामाजिक संस्कृति और सुदृढ़ होगी वहीं भावनात्मक एकता भी मजबूत होगी। राष्ट्रपति ने कहा कि इंटरनेट हिन्दी और अन्य भारतीय भाषाओं के प्रचार प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। मुझे बताया गया है कि राजभाषा विभाग इस दिषा में महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। मै इसके लिए उन्हें अपनी बधाई देती हूं।

राष्ट्रपति ने कहा- आज भारत में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में हिन्दी भाषा का प्रयोग बढ़ रहा है। अनेक अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों में हिन्दी का अध्ययन अध्यापन हो रहा है। काफी संख्या में विदेषी विद्यार्थी हिन्दी की ओर आकर्षित होकर इसे सीख रहे है। प्रतिभा पाटिल ने अपनी हाल की रूस यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि मैं रूस और ताजिकिस्तान गई थी। वहां मुझे रूसी और ताजिक बच्चों का हिन्दी संगीत और शास्त्रीय नृत्य देखने का मौका मिला। भारत की प्रदर्शन कला के प्रति उनकी रूचि देख कर मै काफी प्रभावित हुई। मै समझती हूं कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आदान-प्रदान से जहां विभिन्न देशों के बीच आपसी मैत्री भाव और समझ बढ़ती है वहीं इनके माध्यम से भाषाओं के प्रचार-प्रसार में भी मदद मिलती है। राष्ट्रपति ने इस अवसर पर राजभाषा नीति कार्यान्वयन, पुस्तक लेखन और गृह प्रकाशन के क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य के लिए वर्ष 2007 और वर्ष 2008 के लिए पुरस्कार प्रदान किये।

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हिन्दी के औजार

इंटरनेट पर हिन्दी के संसाधन और औजार-टूल्स<>अनुनाद व नारायण प्रसाद रचित फ़ॉन्ट परिवर्तन डाउनलोड

फ़ॉन्ट रूपांतर डाउनलोड<>हिन्दी में कम्प्यूटर पर कैसे लिखें<>हिन्दी भाषा सॉफ़्टवेयर डाउनलोड कड़ी

हमारा उद्देश्य

हमारा उद्देश्य राष्ट्रभाषा हिन्दी एवं भारतीय भाषाओं की रक्षा एवं देवनागनरी लिपि एवं अन्य भारतीय लिपियों की रक्षा करना है। जरा विचार करें जब भारतीय भाषाएं एवं लिपियां ही नहीं रहेंगी तो इन भाषाओं में लिखे गये साहित्य को कौन पढ़ेगा ? भाषाओं का सम्बन्ध सीधे संस्कृति से जुड़ा होने के कारण जब भाषाएं ही नहीं रहेंगी तो संस्कृति भी धीरे-धीरे विलुप्त हाती जाएगी। अत: भाषा एवं संस्कृति के संरक्षण में आप अपना योगदान किस प्रकार कर सकते हैं, कृपया ई-मेल द्वारा सूचित करें ताकि इनका प्रकाशन इस जाल-स्थल पर किया जा सके।
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